लो कर लेते हम ही पहल , कि ये सब हुआ क्यों है
ये रिश्ता जरा सी जिद की खातिर बदनुमा क्यों है
यूं तो रोज सवाल उठते है मेरे अल्हड़ और वफाई पर
अब ये बताना पड़ेगा मुझे कि तुझसे प्यार क्यों हैं ।
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प्यार का एहसास न बहुत प्यारा होता एक दूसरे से expectation भी बहुत होती है । मेरा व्यवहार उसके लिए सबसे अलग था मुझे ये लगा था कि मैं जैसा ह...
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मौसम इस कदर बदल जायेंगा सोचा न था भरी धुप में बादल बरस जायेंगा सोचा न था और इस कदर रूठ गया ओ हमसे इतने दिन मेरे भी कुछ ख्वाब अधूरे रह जा...
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